20 Best Advance On-Page SEO Techniques

क्या आप अच्छा कंटेंट लिखने में बहुत मेहनत करते हैं. और उसके बाद भी आपकी वेबसाइट Search Engine में अच्छी रैंकिंग नहीं पा रही है. या आपकी वेबसाइट किसी भी सर्च इंजन में फर्स्ट पेज पर नहीं दिखाई दे रही है. तो इसका मतलब कहीं ना कहीं आपकी वेबसाइट के On Page SEO में कुछ कमी है. उसी कमी को दूर करने के लिए आज मैं यह आर्टिकल लिख रहा हूं.
SEO क्या है? और कैसे करें? के बारे में डिटेल में बताने के बाद आज मैं आपके लिए अपने एक्सपीरियंस के आधार पर On page SEO के बारे में कुछ महत्वपूर्ण बातें बताने जा रहा हूं.
यह तो हम सभी जानते हैं कि (Content is King) कंटेंट ही किंग होता है.  मगर कई बार बहुत अच्छा कंटेंट लिखने के बावजूद भी, हमारी वेबसाइट सर्च इंजन के पहले पेज में भी नहीं आती है.  इसके कई सारे कारण हो सकते हैं. इसलिए हमको उन सभी कमियों को दूर करना होगा. और सबसे पहले अपनी वेबसाइट का On Page SEO ठीक करना होगा.
मेरी रिसर्च और एक्सपीरियंस के हिसाब से मैंने यहां पर कुछ On Page SEO की Advance techniques  के बारे में डिटेल में बताया है. उम्मीद करता हूं कि इस आर्टिकल के द्वारा आपको अपनी वेबसाइट के On Page SEO  को ठीक करने में कुछ मदद मिलेगी.
Advance on page SEO Techniques

High-Quality SEO Optimized Content

जैसे कि मैंने पहले भी बताया कि आर्टिकल ही किंग है.  अगर आप अच्छा High Quality SEO Optimized Content लिखते हैं तो बहुत ही अच्छी बात है.  अगर नहीं लिख पाते हैं तो इस पॉइंट पर सबसे ज्यादा ध्यान देने की आवश्यकता है.
आपका आर्टिकल Unique और High Quality SEO Optimized होना बहुत जरूरी है. इसका मतलब यह है कि आपने जो भी आर्टिकल लिखा है. वह कहीं से कॉपी किया हुआ ना हो,  आप अलग अलग आर्टिकलओं को पढ़कर के अपनी भाषा में अपने हिसाब से लिखें.
जब भी आप आर्टिकल लिखें उसमें अपने Main Keyword को कम से कम 8 से 10 इस्तेमाल करें. और आपके मेन कीवर्ड से रिलेटेड कीबर्ड्स का इस्तेमाल जरूर करें. जब भी आप किसी भी टॉपिक पर आर्टिकल लिखें तो कम से कम 600 से 700 words  का आर्टिकल होना अच्छा माना जाता है.

Title में Main Keyword ka इस्तेमाल

जब भी आप अपने आर्टिकल का टाइटल लिख रहे हो तो, उसमें अपने Main Keyword को जरूर डालें. इसी को SEO Optimized Title कहतें है. क्यूंकि search engine में सबसे पहले title ही दीखता है. और अगर Main Keyword टाइटल के शुरू में हो तो बहुत ही बढ़िया बात है.
हो सके तो Titel में Modifiers का इस्तेमाल जरुर करें. इस से पढने वाले को intersting लगेगा और वह आप के लिंक पर क्लिक करके आप की वेबसाइट में आजेगा.
जैसे- Full guide, Best, Quick, Top 5 और 10, Solved, आदि.  

Title को <h1> Heading tag में लिखें

Title को हमेशा <h1> Heading tag में ही लिखें. यह आप की Theme पे depend करता है. की उस में Title <h1> Heading tag में है या नहीं. जादातर थीम्स में होता है. अगर नहीं है तो थीम के CSS में title को <h1> Heading tag में set करें.
यह भी ध्यान रखें की आप के आर्टिकल में सिर्फ १ ही <h1> tag हो. और वह Title पे लगा हो. जादा Heading tags search engine को confuse कर सकतें है.

First Paragraph में Main Keyword को जरुर डालें

अपने आर्टिकल के Main Keyword को First Paragraph में कम से कम १ बार जरुर डालें. इस से search engine को आप के Main Keyword को समझने में आसानी होगी.
हो सके तो Main Keyword को Bold कर दें. पहले पैराग्राफ को 200 से 250 words का लिखें. हर पैराग्राफ को ३ से ४ लाइन का ही लिखें जिस से पढने वाले को दिक्कत न हो. जादा बड़े पैराग्राफ को पढने से कई बार रीडर्स बोर भी हो जातें है. और search engine को भी उस को समझने में दिक्कत होती है.

Sub Heading <h2> Tag का इस्तेमाल

अपने आर्टिकल में कम से कम ३ से ४ Sub Heading को जरुर डालें. Sub Heading को <h2> Tag में ही लिखें. और Sub Heading में अपने main keyword से related keywords का इस्तेमाल करें.
Sub Heading के द्वारा आप अपने आर्टिकल को जादा अच्छे से समझा सकतें है. और इस से search engine को भी आप के आर्टिकल को समझने में मदद मिलती है. की आखिर कार आप का आर्टिकल सही ढंग से बताया गया है या नहीं.

SEO Friendly URL का इस्तेमाल, URL में Keyword होना जरुरी

अपने post के URL को SEO Friendly बनाएं. और URL में main keyword को जरुर डालें. URL को जादा लम्बा न लिखें. Main keyword के साथ Modifiers डालेंगे को जादा अच्छा लगेगा.

जैसे: (SEO Friendly Url)
netget.in/2018/11/on-page-seo-techniques.html
netget.in/on-page-seo-techniques/
netget.in/2018/11/what-is-on-page-seo
netget.in/what-is-on-page-seo.html

जैसे: (Avoid this type of Url)
netget.in/p-456
netget.in/25-best-on-page-seo-techniques-in-hindi-for-rank-on-search-engine-first-page
netget.in/4562658/25-best-on-page-seo-techniques

Meta Title, Meta Description Tag

हर वेबसाइट में Meta Title and Meta Description tag बहुत ही इंपॉर्टेंट होता है. यही सर्च इंजन को बताता है कि, आर्टिकल किस चीज पर लिखा हुआ है. तो जब भी हम अपने वेबसाइट पर कोई भी ब्लॉग आर्टिकल लिखे तो meta title and meta description को सही ढंग से प्रस्तुत करें.
Meta title and meta description tag  वेब पेज के सोर्स कोड में दिया जाता है. अगर आपकी वेबसाइट HTML में बनी है तो आपको यह खुद ही डालना पड़ता है.  यदि आपकी वेबसाइट Wordpress य blogger पर बनी है तो इसके लिए वहां पर ऑप्शन होता है.
इस प्रकार आप अपनी वेबसाइट में Meta Title and Meta Description tag दें.
<title>20 Best Advance on-page SEO Techniques</title>
<meta name="description" content="Search engine में अच्छी rank पाने के लिए आपकी वेबसाइट के On Page SEO "/>

Favicon ka use

Favicon एक तरह का छोटा सा आइकन होता है. जो हमारी वेबसाइट के ब्राउज़र टाइम में दिखाई देता है. इसका इस्तेमाल हमारी वेबसाइट को एक अच्छा लुक देने के लिए क्या जाता है.
आप अपनी वेबसाइट में Facicon ico  इस प्रकार से दे सकते हैं.
<link rel="icon" type="image/png" href="https://www.netget.in/favicon.ico" />

Responsible Website का Design

आज के समय में ज्यादातर यूजेस इंटरनेट का इस्तेमाल अपने mobile और tablet से करते हैं. इसलिए आपकी वेबसाइट का Responsible web design होना बहुत ही आवश्यक है.
जब से google ने mobile first indexing सर्विस शुरू करी है.  तब से तो यह बहुत ही आवश्यक हो गया है कि आपकी वेबसाइट का डिजाइन Responsible हो.  इसका सीधा असर सर्च इंजन में आप की वेबसाइट की रैंकिंग पर पड़ता है.
Responsible  वेब डिजाइन का मतलब होता है कि, आपकी वेबसाइट हर device  पर सही तरह से दिखाई दे. आजकल ज्यादा तर थीम Responsible ही होती हैं.  यदि आप की वेबसाइट की थीम Responsible नहीं है तो, आप उसको जल्द से जल्द चेंज कर दें.

Website की Speed boost करें

अगर आपका ब्लॉग या वेबसाइट बहुत ही slow load होता है. तो इसका सीधा असर आपके वेबसाइट के SEO  पर पड़ता है. वेबसाइट की स्पीड SEO के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण होती है.
अगर आपकी वेबसाइट स्लो लोड होती है तो, विजिटर आपकी वेबसाइट को देखने से पहले ही बंद कर देगा. और आपकी वेबसाइट में कम ही ट्रैफिक आएगा. इसलिए आप कोशिश करें कि आप की वेबसाइट का लोड टाइम कम हो.
उसके लिए आपको सबसे पहले अपनी वेबसाइट का लोड टाइम देखना होगा. लोड टाइम चेक करने के लिए आप Google Page Speed Tool, GTmetrix, Pingdom Tools का इस्तेमाल कर सकते हैं.
यह सभी टोल आपको बताते हैं कि, आपकी वेबसाइट किन कारणों से स्लो है. और आपको अपनी वेबसाइट की स्पीड बढ़ाने के लिए क्या करना होगा.

CDN का use करें

Content Delivery Network (CDN) यह एक तरह का नेटवर्क का जाल है. जो आपकी वेबसाइट के और विजिटर के बीच में काम करता है. जैसे कि यदि आपकी वेबसाइट का सर्वर USA में है. और आपकी वेबसाइट को विजिट करने वाला India  से है तो. आपकी वेबसाइट को USA के सर्वर से लोड होने में कुछ टाइम लग सकता है.
तो Content Delivery Network (CDN) यह काम करता है कि, आपकी वेबसाइट का विजिटर जिस भी कंट्री से है, वह आपकी वेबसाइट को उसी कंट्री के सर्वर से दिखाता है. जिससे आपकी वेबसाइट का लोड टाइम कम हो जाता है.

HTML, CSS और JavaScript Minification करे

अगर आपने अपनी वेबसाइट में HTML, CSS और JavaScript Minification क्या हुआ है तो, आपकी वेबसाइट की स्पीड बढ़ जाती है. और यह SEO के लिए मददगार साबित होता है.
HTML, CSS और JavaScript Minification का मतलब होता है कि, यदि आपकी वेबसाइट में 1 से ज्यादा CSS या JavaScript files है तो Minification उनको एक फाइल में जोड़ देता है, और उन फाइल्स के बीच में जो भी unused coding होती है उनको हटा देता है, इससे हमारी वेबसाइट के CSS और JavaScript files जल्दी लोड हो जाते हैं, और हमारी वेबसाइट का लोड टाइम कम हो जाता है. HTML Minification में भी यही होता है.

Images को optimize करें, और Alt Tag का Use करें

अपनी वेबसाइट में इस्तेमाल होने वाले सभी Images को optimize करें. इससे वेबसाइट का लोड टाइम कम होगा. और सर्च इंजन में हाई रैंकिंग मिल पाएगी.
Images को optimize करने के लिए आपको  फोटो का साइज कम करना होगा. बिना क्वालिटी को कम किए. अपनी वेबसाइट में इस्तेमाल होने वाली फोटो को कम से कम 720px width  रखें. इमेज के साइज को compress कार ही वेब साइड में अपलोड करें.
जब भी आप किसी भी फोटो को अपने पोस्ट या आर्टिकल में डालें तो उसमें Alt Tag का Use करें. Alt Tag से हमारी फोटो के बारे में पता लगता है. Alt Tag मैं अपने मैन कीवर्ल्ड का इस्तेमाल करें. हो सके तो फोटो का नाम भी मेन कीवर्ड से रिलेटेड रखें.
Alt Tag के इस्तेमाल से सर्च इंजन आप की फोटो को भी रैंक कर सकता है. और आपकी वेबसाइट में उस फोटो के द्वारा भी ट्रैफिक आ सकता है.

Indian web hosting server को खरीदें

Indian web hosting server को ही खरीदें. अगर आपकी वेबसाइट में इंडिया और इंडिया के आसपास के कंट्रीओं से विजिटर्स आते हैं तो आप अपनी वेबसाइट का सर्वर Indian Web Hosting से ही खरीदें.
इससे यह होगा कि आपकी वेबसाइट में आने वाले विजिटर्स जब भी आपकी वेबसाइट को ओपन करेंगे. तो इंडियन सरवर होने के कारण आपकी वेबसाइट फास्ट लोड होगी.

Internal Linking करें

जब भी आप कोई भी ब्लॉग पोस्ट या आर्टिकल लिख रहे हो तो. अपनी वेबसाइट को Internal Linking जरूर करें. इससे आपकी वेबसाइट में आने वाले विजिटर्स इस आर्टिकल को तो पड़ेंगे ही, साथ ही साथ हो सकता है. उस से रिलेटेड Internal Linking आर्टिकल्स को भी पढ़ें. जिससे आपकी वेबसाइट का बाउंस रेट कम होगा.
Internal Linking से सर्च इंजन को भी काफी सहायता मिलती है. इससे सर्च इंजन को पता चलता है कि, आपकी वेबसाइट में इस आर्टिकल से रिलेटेड भी और आर्टिकल है. और वह आर्टिकल के साथ साथ आपके और आर्टिकल्स को भी जल्दी इंडेक्स कर लेता है.

Outbound Links का इस्तेमाल

जब आप कोई भी आर्टिकल लिख रहे हो तो कोशिश करें कि उसमें कम से कम 2  से 3 Outbound Links (external site link) जरूर डालें.
इससे सर्च इंजन को यह पता चलता है कि आपने अपने आर्टिकल में उस वेबसाइट का जिक्र किया है. इससे भी आपकी वेबसाइट के SEO मैं काफी फर्क पड़ता है.
ध्यान रखें कि जिस भी वेबसाइट का आप Outbound Links लगा रहे हो वह वेबसाइट एक Authority sites हो. इससे सर्च इंजन को और आपकी वेबसाइट में आने वाले विजीटर्स को आपकी वेबसाइट पर भरोसा बढ़ता है.

Broken links Check करें

समय-समय पर अपनी वेबसाइट में Broken links Check करें. कई बार हमें पता भी नहीं चलता है और हमारी वेबसाइट में कई सारे Broken links हो जाते हैं. यह चाहे इंटरनल हो या एक्सटर्नल लिंक हो, इनको समय-समय पर चेक करके ठीक करें.
अगर आप अपनी वेबसाइट के Broken links ठीक नहीं करते हैं तो आपकी वेबसाइट में आने वाले विजिटर्स को परेशानी हो सकते हैं. और सर्च इंजन की Broken links  को पसंद नहीं करता है.

HTTPS से Website को secure करें

अगर आप चाहते हैं कि आप की वेबसाइट की रैंकिंग अच्छी हो तो आप अपनी वेबसाइट  को HTTPS से secure जरूर करें. इससे आपकी वेबसाइट की सर्च रैंकिंग बढ़ने के साथ-साथ आपकी वेबसाइट में आने वाले विजिटर्स को भी आपकी वेबसाइट पर trust होता है.
अगर आपकी वेबसाइट में कोई विजिटर्स आता है और आपकी वेबसाइट के URL में Not Secure लिखा हुआ आए तो आपकी वेबसाइट में आने वाले विजिटर्स को शायद अच्छा न लगे. और वह आप की वेबसाइट को क्लोज कर दें.

Robots.txt File की setting

अपनी वेबसाइट के server मैं Robots.txt फाइल को जरूर क्रिएट करें. Robots.txt यह एक टेक्स्ट फाइल होती है जोकि robots (Search Engine Robots) को बताती है कि किस किस पेज को सर्च इंजन में इंडेक्स करना है और किस किसको इंडेक्स नहीं करना है.
Robots.txt से आप सर्च इंजन रोबोट को अपनी वेबसाइट के SiteMap को भी बता सकते हैं.  इस फाइल के द्वारा आप अपने वेबसाइट से file और floders को भी इंटेक्स होने से रोक सकते हैं.

Sitemap.xml Generate करें

हर वेबसाइट का Sitemap.xml Generate  होना बहुत जरूरी है. इससे ही search engine  को पता चलता है कि आपकी वेबसाइट में लिखे गए आर्टिकल्स का url क्या है. Sitemap से सर्च इंजन को आपके वेबसाइट को इंडेक्स करने में आसानी होती है.

निष्कर्ष

मैंने अपने इस आर्टिकल में On-Page SEO के बारे में अपने एक्सपीरियंस और मौजूदा सर्च इंजन algoritham  के हिसाब से कुछ महत्वपूर्ण जानकारियों को आपके सामने प्रस्तुत करने की कोशिश की है. हो सकता है इनमें से कुछ पॉइंट्स के बारे में आपको पहले से ही पता हो तो अच्छी बात है. अगर आपको और आपकी वेबसाइट को सर्च इंजन में रैंक करने में, मेरे इस आर्टिकल से कुछ भी सहायता मिलती है तो मेरे इस आर्टिकल को लिखने का मकसद पूरा होगा.
अगर इसके अलावा भी आप On page SEO के बारे में जानते हैं. और मैंने वह अपने इस आर्टिकल में नहीं लिखा है तो आप कमेंट करके बता सकते हैं. और अगर आपका On page SEO से रिलेटेड कोई भी सवाल हो तो कमेंट करना ना भूले.

Source: eHowHindi

SEO क्या है? और कैसे करे - Full Details in Hindi

What is Search Engine Optimization (SEO क्या है?), Blogger, Website Owner और Web Developers के बीच में बहुत ही जाना माना वर्ल्ड है. इंटरनेट यूज करने वाले सभी लोग SEO को नहीं जानते हैं.

अगर आप ब्लॉगर हैं, या आप किसी वेबसाइट के मालिक हैं, या आप अपने क्लाइंट के लिए वेबसाइट बनाते हैं. तो आपको SEO का पता होना चाहिए. अगर आपको SEO के बारे में पता नहीं है तो, आपको इस क्षेत्र का आधा ही ज्ञान है. 
SEO kya hai? or kaise karen
SEO "Word" की शुरुआत 1990 में हुई थी. जब इंटरनेट की दुनिया का पहला सर्च इंजन बनाया गया था. जिसका नाम Archie था. 1990 में Montreal के कुछ स्टूडेंटस ने मिलकर इस सर्च इंजन की शुरुआत की थी. और तभी से "SEO" word की भी शुरुआत हुई.

SEO के बारे में जानने से पहले हमें कुछ और बातों को भी जानना जरूरी है. नीचे मैंने एक-एक करके सभी जरूरी बातों को आप लोगों तक पहुंचाने की कोशिश की है.

Search Engine क्या होता है?

Search Engine एक तरह का सिस्टम है. जिसमें कुछ भी चीज के बारे में ढूंढना चाहते हैं तो, वह सर्च इंजन हमें पूरे इंटरनेट के अंदर से सही जानकारी ढूंढ कर देता है. 
Google search engine
Search Engine हमेशा अलग-अलग वेबसाइट में जाकर नई नई इंफॉर्मेशन को इकट्ठा करता है. और जब भी किसी को किसी भी किसी भी चीज के बारे में इंफॉर्मेशन चाहिए होती है तो वह Search Engine में जा कर सर्च करता है. और Search Engine उस से रिलेटेड रिजल्ट हमें दिखा देता है.

उदाहरण- आप सर्च इंजन में गए, सर्च बॉक्स में आपने टाइप किया “What is Blogging” तो सर्च इंजन व्हाट इज ब्लॉगिंग से रिलेटेड सभी वेबसाइट या वेब पेज को आपके सामने दिखा देगा. यही काम होता है एक सर्च इंजन का.

सर्च इंजन जैसे कि, Google.com, Bing.com, Yahoo.com, aol.com और Ask.comयह सभी सर्च इंजन ऐसे ही काम करते हैं. और आपके सामने आपके सर्च से रिलेटेड इनफार्मेशन ढूंढ कर लाते हैं.

SERP क्या है?

Search Engine Result Page (SERP) यह सर्च इंजन का रिजल्ट पेज होता है. जैसे की निचे फोटो में मेरे द्वारा सर्च किए गए कीवर्ड्स (ऑनलाइन एअर्निंग) के रिजल्ट को सर्च इंजन Show कर रहा है. इस पेज में आपके द्वारा सर्च किए गए कीवर्ड से रिलेटेड कुछ ऑर्गेनिक रिजल्ट होते हैं. कुछ एडवर्टाइजमेंट होते हैं, और कुछ फोटो और वीडियो हो सकते हैं.सर्च इंजन रिजल्ट पेज आपके द्वारा सर्च किए गए कीवर्ड से रिलेटेड, सर्च रिजल्ट को आपके सामने एक लिस्ट में Show करता है. सबसे ऊपर वह वेब पेज या वेबसाइट होती है, जिसका कंटेंट आपके सर्च कीवर्ड से सबसे ज्यादा मिलता हो. नीचे दिए गए फोटो से आप Search Engine Result Page के बारे में समझ सकते हैं.
SERP-Result-in-Google

SEO क्या है? (What is SEO in Hindi)


Search Engine और SERP के बारें में हम समझ गए है. तो अब हम यह समझते हैं कि Search engine optimization (SEO) क्या होता है और कैसे काम करता है.

हर सर्च इंजन का अपना एक Algorithm होता है. और वह उसी algorithm के हिसाब से काम करता है. और अगर आपकी वेबसाइट या ब्लॉग सर्च इंजन के algorithm के हिसाब से सही होता है तो वह आपकी वेबसाइट या ब्लॉग की इंफॉर्मेशन को अपने अंदर स्टोर कर देता है. और जब भी कोई उस इंफॉर्मेशन के बारे में सर्च इंजन में सर्च करते हैं तो वह आपके ब्लॉग या वेबसाइट को अपने सर्च रिजल्ट पेज में दिखा देता है.

सर्च इंजन के Algorithm के हिसाब से अपनी वेबसाइट को बनाना ही SEO कहलाता है.यदि आपकी वेबसाइट या ब्लॉक सर्च इंजन के algorithm के हिसाब से बिल्कुल सही बनी हुई हो. और उसके अंदर जो आपने इंफॉर्मेशन लिखी है Unique हो. तब ही सर्च इंजन आपकी वेबसाइट कि उस इंफॉर्मेशन को सबसे आगे दिखाएगा. और यूजर इंफॉर्मेशन पर क्लिक करके आपकी वेबसाइट में आएंगे. और आपकी वेबसाइट का ज्यादा से ज्यादा ट्रैफिक बढ़ेगा.

SEO क्यूँ जरुरी है, और कैसे करे?

SEO क्यों जरूरी है और कैसे करे? अगर आप अपनी वेबसाइट का SEO सही ढंग से नहीं करेंगे तो. Search Engine आपकी वेबसाइट को अपने सर्च रिजल्ट में नहीं दिखाएगा. जिसके कारण आपकी वेबसाइट में ट्रैफिक नहीं आएगा. अगर आपकी वेबसाइट में ट्रैफिक नहीं आया तो, उस इंफॉर्मेशन को कोई भी नहीं पढ़ पाएगा.

अगर आप अपनी वेबसाइट में किसी भी प्रकार की Service या Product सेल करते हैं. और आपने अपनी वेबसाइट का SEO सही से नहीं किया हुआ है तो आपकी Service या Product के बारे में सर्च इंजन अपने सर्च पेज में नहीं दिखाएगा. और आपकी वेबसाइट में यूज़र नहीं आएंगे. जिससे आपकी Service या Product सेल नहीं होगा. और आप अपना बिजनेस नहीं कर पाएंगे.

अगर आप चाहते हैं कि आपके Product के बारे में ज्यादा से ज्यादा लोग जाने और उसे खरीदें. तो उसके लिए आपको अपनी वेबसाइट को सर्च इंजन के Algorithm के हिसाब से SEO करना होगा.
Blogging search result in google

SEO कितने प्रकार के होते है?

SEO को दो प्रकार में बांटा गया है. On-Page और Off-Page, दोनों का ही अपना-अपना काम है. वेबसाइट का बढ़िया SEO करने के लिए आपको यह दोनों काम करने जरूरी हैं. अगर इनमें से किसी एक को भी सही ढंग से नहीं किया गया तो. आपकी वेबसाइट के रैंक होने में समस्या आ सकती है.

तो चलिए जानते हैं कि इन दोनों प्रकारों में हमें क्या-क्या करना होता है. यहां पर मैं आपको ज्यादा डिटेल में नहीं बताऊंगा. इनके बारे में डिटेल में मैं आपके लिए एक अलग से आर्टिकल लेकर आऊंगा और उसमें आपको बताऊंगा.

On-Page SEO

Search engine optimization में On Page SEO बहुत ही Important factor है. यह आपकी वेबसाइट में organic traffic लाने में सबसे ज्यादा मदद करता है.

Search engine के Algorithm के हिसाब से अपनी वेबसाइट को सेट-अप करना ही On Page SEO होता है. On Page SEO में होने वाले सभी काम (Setup)आपको अपनी वेबसाइट के अंदर करने होते हैं.

जैसे कि:-
  • Website का बढ़िया Design
  • Website की speed
  • Mobile-friendly Website
  • Title Tag
  • Meta Description (अपनी वेबसाइट को बारें में २ लाइक में बताना)
  • Main Keyword (मुख्या शब्द)
  • Image में Alt Tag का इस्तेमाल
  • Use Heading और Sub-Heading
  • Google Sitemap (Google को अपनी वेबसाइट के सभी लिंकों को बताना)
  • SEO Friendly URL (URL में वर्ड लिखें हो ना की कोड और नंबर्स)
  • Google Analytics
  • Social Media Button (जिस से आप के यूजर आप की वेबसाइट को अपने Social Media में शेयर कर सकें)
  • Website security HTTPS etc (http:// की जगह https:// का इस्तेमाल)
जहां पर मैंने आपको कुछ On Page SEO के बारे में बताया है. यह सभी पॉइंट हमारी वेबसाइट के On Page SEO के लिए बहुत ही जरूरी है.

Off-Page SEO

Off Page SEO में बहुत ज्यादा काम नहीं होता है. मगर यह भी उतना ही इंपॉर्टेंट है जितना कि On Page SEO है.

Off Page SEO में आपको अपनी वेबसाइट और वेबसाइट के पेजों को Promote और शेयर करना होता है. आप किसी भी अच्छी वेबसाइट में जाकर अपनी वेबसाइट को लिंक करते है और शेयर करते हैं. जिससे सर्च इंजन को आपकी वेबसाइट के बारे में अलग-अलग वेबसाइटों द्वारा पता चलता है. और सर्च इंजन आपकी वेबसाइट को आसानी से Index कर देता है.

ध्यान रखें किसी भी वेबसाइट में आप अपनी वेबसाइट को लिंक कर रहे हैं उस वेबसाइट में भी आपकी वेबसाइट से रिलेटेड कंटेंट लिखा हुआ हो. इसी को Link Building (BackLink) कहते हैं.
आप जादा से जादा Social Networking Site मैं अपनी वेबसाइट को प्रमोट करें शेयर करें, इससे आपकी वेबसाइट में Social Networking Site से भी ट्रैफिक आएगा.

Social Networking Site:-
  • Facebook
  • Facebook Page, Group
  • Google+ Profile and Google+ Group
  • Twitter
  • Tumblr blog
  • Pinterest
  • Linkedin Profile and Page
  • Reddit
तो दोस्तों इस आर्टिकल में मैंने आपको SEO, Search Engine, और SERP के बारे में बताया. और यह काम कैसे करते हैं उसके बारे में बताया है. और आप अपनी वेबसाइट का SEO कैसे कर सकते हैं उसके बारे में भी बताया है.
अगर आपके इस से रिलेटेड कोई भी सवाल हो तो नीचे कमेंट बॉक्स में कमेंट करें. और अगर आपको यह आर्टिकल पसंद आया हो तो, इसको ज्यादा से ज्यादा शेयर करें.

Source: eHowHindi
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फ्री में Website कैसे बनाये

आजकल आपने देखा होगा कि बहुत सारे लोग अपनी वेबसाइट बनाते हैं. कुछ लोग अपनी पर्सनल वेबसाइट बनाते हैं, तो कुछ बिजनेस वेबसाइट बनाते हैं. आप भी अपनी वेबसाइट बनाना चाहते हैं? यदि हां तो आप बिल्कुल सही आर्टिकल को पढ़ रहे हैं क्योंकि आज इस आर्टिकल में मैं आपको बताऊंगा कि किस तरह से आप फ्री में वेबसाइट बना सकते हैं. आप चाहे तो अपनी पर्सनल वेबसाइट बना सकते हैं और चाहे तो बिजनेस वेबसाइट भी बना सकते हैं.
website kaise banaye
Source: Pixabay

फ्री में Website कैसे बनाये

इससे पहले मैंने एक आर्टिकल लिखा था, ब्लॉग क्या है और अपना ब्लॉग कैसे बनाये इस आर्टिकल में मैंने आपको अपने ब्लॉग को बनाने के बारे में स्टेप बाय स्टेप पूरी जानकारी दी थी. उस आर्टिकल में मैंने Blogger.com पर ब्लॉग बनाने के बारे में बताया था आप चाहें तो उन सभी टिप्स को फॉलो करके ठीक उसी तरह अपनी वेबसाइट भी बना सकते हैं जिस तरह वहां पर मैंने ब्लॉग बनाना बताया था.

एक ब्लॉग और वेबसाइट में सिर्फ इतना ही अंतर होता है कि, ब्लॉग में आप किसी भी तरह की इंफॉर्मेशन को Post द्वारा बताते हैं. जबकि एक वेबसाइट में आपको कुछ पेज बनाने होते हैं. जैसे Home, About, Products, Services, Contact us, आदि. वेबसाइट में Post का कोई काम नहीं होता है. यदि आप अपनी वेबसाइट के साथ-साथ अपना ब्लॉग भी बनाना चाहते हैं तो, तब आप Blogger के Post ऑप्शन का इस्तेमाल कर सकते हैं.

इस आर्टिकल में मैं आपको फ्री में वेबसाइट कैसे बनाएं के बारे में बताने जा रहा हूं, जिसमें मैं Google Sites का इस्तेमाल करके वेबसाइट बनाना सिखाऊंगा. Google Sites भी Google.com की ही एक सर्विस है, जिस में हम फ्री में अपनी वेबसाइट बना सकते हैं. Google Sites मैं हमारी वेबसाइट का लिंक कुछ इस प्रकार होता है. जैसे: https://sites.google.com/view/laxmanbudakoti/ या https://sites.google.com/view/YourSiteName/ .

Google Sites में भी Blogger की ही तरह हम अपना Custom Domain भी Set करके चला सकते हैं.

तो चलिए इस प्रक्रिया को स्टेप बाय स्टेप समझते हैं.

Google Sites में अपनी वेबसाइट कैसे बनाएं

सबसे पहले अपने ब्राउज़र में टाइप करें sites.google.com . आपसे लॉगइन करने के लिए पूछा जाएगा, आप अपने Gmail Account से लॉगइन करें.
  1. आपके सामने एक पेज ओपन होगा जिसमें लिखा होगा Start Your First Site नीचे बने + बटन पर क्लिक करें.

Start your first site in Google sites
अगले पेज में आप अपनी वेबसाइट के होमपेज को डिजाइन कर सकते हैं.
  1. अपनी वेबसाइट का नाम लिखें.
  2. इस पेज का Title लिखें.
  3. यहां से आप Text Box, Images, Content Layouts जैसे ऑप्शंस की मदद से अपने पेज को डिजाइन कर सकते हैं.
  4. यहां पर आप अपनी वेबसाइट के कंटेंट को लिख सकते हैं
Build your home page in google sites
Static Page को डिजाइन करने के लिए यहां पर आपको काफी सारे ऑप्शंस मिल जाते हैं. 
नए पेज को क्रिएट करने के लिए Pages Tab पर क्लिक करें, उसके बाद नीचे + साइन पर क्लिक करके नया पेज क्रिएट कर सकते हैं. इस तरह आप अपनी वेबसाइट में जितने चाहें उतने पेज बना सकते हैं. 
अगर आप अपनी वेबसाइट की थीम चेंज करना चाहते हैं तो Themes Tab पर क्लिक करके आपको बहुत सारी थीम दिखाई देंगी उनमें से किसी भी एक टीम को आप अपनी वेबसाइट के लिए सेलेक्ट कर सकते हैं.
Insert Layouts, Create Pages, Change Themes
जब आपकी वेबसाइट Publish होने के लिए तैयार हो जाए तो.
  1. ऊपर दिए गए Publish बटन पर क्लिक करें.
  2. आपके सामने एक छोटी सी विंडो ओपन होगी जहां पर आप चाहे तो Google Sites के फ्री url में अपनी वेबसाइट का नाम लिखकर भी अपनी वेबसाइट चला सकते हैं. 
  3. यदि आप अपने Custom Domain को चलाना चाहते हैं तो Manage Button पर क्लिक करें. 
Your website address or Manage your custom domain
अगर आप अपने खुद के डोमेन को Google Sites में Setup करना चाहते हैं तो Manage Button पर क्लिक करें.
  1. अगली विंडो में आपसे आपके Custom Domain का नाम लिखें. 
  2. डोमेन नेम के नीचे आपको एक मैसेज दिखाई देगा “This URL is not Verified. Please Verify your ownership” तो Verify Your Ownership पर क्लिक करें.
Custom Domain and verify your ownership
यदि आप किसी भी कस्टम डोमेन को गूगल साइट्स में चलाना चाहते हैं तो आपको अपने डोमेन को सबसे पहले गूगल वेबमास्टर सेंटर में वेरीफाई कराना होगा. कि यह डोमेन आपका है और आप उस डोमेन के मालिक हैं, इसके लिए आपको कुछ स्टेप्स को फॉलो करना होगा. उनके बारे में आप आगे पढ़ सकते हैं. 

Google Webmaster Central में Custom Domain Verification

जब आप गूगल साइट्स में Verify Your Ownership पर क्लिक करेंगे तो आपके सामने एक नया पेज ओपन होगा. इस पेज में आपको अपने डोमेन की वेरिफिकेशन करानी होगी जिसके लिए आपको 2 Domain Name System (DNS) दिए जाएंगे. उन दोनों DNS को आप अपने डोमेन के DNS Record में जाकर Add करेंगे.
  1. नीचे दी गई इमेज में आप देख सकते हैं कि किस तरह से DNS Record होते हैं. 
Domain Verification in Google Webmaster center

जहां पर भी आपने अपने डोमेन को रजिस्टर किया हुआ है आप वहां पर जाएंगे. डोमेन के DNS ऑप्शन पर क्लिक करेंगे. और वहां पर ऊपर दिए गए दोनों CNAME Records को Add करेंगे

नीचे दी गई इमेज में बताया है कि आप किस तरह से CNAME Records को Add करेंगे.

Add the CNAME record in Domain Name Provider

DNS Record Add करने के बाद आप वापिस Google Webmaster Central पेज में आएंगे, और नीचे दिए गए Red कलर के Verify बटन पर क्लिक करेंगे. अगर आपने सारी सेटिंग सही प्रकार से की होगी तो आपके सामने लिखा हुआ आ जाएगा कि आपका डोमेन वेरीफाई हो चुका है.


Note: DNS Record Add करने के बाद कुछ समय इंतजार करें. क्योंकि DNS Record को सेट होने में कुछ समय का वक्त लग सकता है.
   Verify your domain in google webmaster center

यदि आपका डोमेन वेरीफाई हो जाता है तो अब आप वापिस Google Sites पेज में जाकर अपने डोमेन को सेट कर सकते हैं इस बार आप के सामने कोई भी मैसेज नहीं आएगा और नीचे दिए गए Assign बटन पर क्लिक करते ही आपका डोमेन गूगल साइट्स के कस्टम डोमेन में सेट हो जाएगा.

अब आप अपनी वेबसाइट को डायरेक्ट अपने ब्राउज़र पर डोमेन का नाम लिखकर चला सकते हैं. 


ध्यान रखें कि जब भी आप अपनी वेबसाइट में गूगल साइट्स पर कुछ भी फेरबदल करते हैं तो पब्लिश बटन पर जरूर क्लिक करें तभी आपकी वेबसाइट के पेजों में किए गए अपडेट Save हो पाएंगे. 

निष्कर्ष

इस आर्टिकल में मैंने आपको फ्री में वेबसाइट कैसे बनाएं के बारे में पूरी जानकारी स्टेप बाय स्टेप इमेजेस को दिखा कर बताया है. मुझे उम्मीद है कि इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद आप आसानी से अपनी वेबसाइट को बना सकते हैं.
इन सभी स्टेप्स को अगर मैं शॉर्ट में आपको बताऊं तो.
  1. सबसे पहले आपको गूगल साइट्स में जाना है लॉगइन करना है.
  2. क्रिएट ए न्यू साइड बटन पर क्लिक करना है.
  3. अपनी वेबसाइट के होमपेज को डिजाइन करना है और उसके बाद पब्लिश बटन पर क्लिक करना है.
  4. उसके बाद आपको मैनेज बटन पर क्लिक करना है और अपनी वेबसाइट के कस्टम डोमेन को लिखना है.
  5. अपने कस्टम डोमेन को गूगल वेबमास्टर सेंट्रल में वेरीफाई करवाना है. जिस के लिए आप को 2 CNAME दिए जाएँगे.
  6. जहां पर आपने अपना डोमेन रजिस्टर किया हुआ है वहां पर जाकर डोमेन के DNS रिकॉर्ड्स में दो CNAME Add करने हैं.
  7. और गूगल वेबमास्टर सेंट्रल में अपने डोमेन को वेरीफाई करना है.
इन 7 स्टेप को अगर आप सही ढंग से फॉलो करते हैं तो आपकी वेबसाइट चलने लगेगी. यदि आपको गूगल साइट्स में अपनी वेबसाइट को बनाने में किसी भी प्रकार की परेशानी आती है तो नीचे कमेंट बॉक्स में कमेंट करें.

WordPress Kaise Install Kare?

अपना ब्लॉग बनाने की सोच ली है, और आप नए ब्लॉगर हैं. आप चाहते हैं कि आप अपना ब्लॉग Wordpress में बनाएं, तो सबसे पहले आपको Wordpress इंस्टॉल करना होगा. यदि आप नहीं जानते हैं कि वर्डप्रेस को कैसे इनस्टॉल करें, तो आज मैं आपको अपने इस आर्टिकल में Step by Step बताऊंगा कि आप किस तरह से किसी भी cPanel Hosting में वर्डप्रेस को Install कर सकते हैं.

यदि आप वर्डप्रेस इंस्टॉल करने जा रहे हैं तो यह तो आप जानते ही होंगे कि वर्डप्रेस एक ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म के साथ साथ बहुत ही बढ़िया CMS भी है. आप वर्डप्रेस में किसी भी प्रकार का ब्लॉग तो बना ही सकते हैं, यदि आप चाहते हैं कि वर्डप्रेस में कोई वेबसाइट बनाएं तो यह बहुत ही बढ़िया प्लेटफॉर्म है. वर्डप्रेस में आप अपने ब्लॉग व वेबसाइट को किसी भी तरह से कस्टमाइज कर सकते हैं. अपने मनचाहे डिजाइन को पा सकते हैं.

Wordpress kaise install kare
Source: Pixabay

cPanel Hosting में वर्डप्रेस कैसे Install करे?

cPanel होस्टिंग में वर्डप्रेस को इंस्टॉल करना बहुत ही आसान है. सबसे पहले आपको अपने डोमेन को अपने होस्टिंग प्रोवाइडर के सर्वर से Point करना होगा. जहां पर भी आपने अपना डोमेन रजिस्टर किया हुआ है वहां पर जाकर DNS मैनेजमेंट में आपको अपने होस्टिंग प्रोवाइडर के NameServer डालने होंगे. कुछ ही समय बाद आपका डोमेन होस्टिंग से कनेक्ट हो जाएगा.

वर्डप्रेस को cPanel होस्टिंग में इंस्टॉल करने के लिए सबसे पहले आपको cPanel में लॉगइन करना होगा.


आप cPanel में लॉगइन करने के लिए इस प्रकार से कर सकते हैं. Cpanel.yourdomain.com . इसके पश्चात आपके सामने लॉगइन का पेज खुल जाएगा, आप यहां पर लॉगइन Detail डालकर लॉगइन करें. जब आपका लॉगइन सक्सेसफुल हो जाएगा तब आपके सामने नीचे दी गई फोटो की तरह एक पेज ओपन होगा. उस पेज में आपको Softaculous Apps Installer ढूंढना है, और उसी के अंदर आपको Wordpress app का Logo मिलेगा उस पर आपको क्लिक करना है.
wordpress in cPanel hosting for installation
इसके बाद आपके सामने Softaculous Wordpress Installer खुल जाएगा. अब आपको नीचे दिए गई फोटो के हिसाब से सभी स्टेप्स को एक एक करके पूरा करना है.
  1. इंस्टॉल बटन पर क्लिक करें.
  2. Choose Protocol: में http://, https:// या http://www. https://www. में से जो भी प्रोटोकोल आप चाहते हैं उसको सेलेक्ट करें.
  3. Choose Domain: में अपने ब्लॉग या डोमेन को सेलेक्ट करें.Choose Protocol and Select your domain
ऊपर वाले तीनों ऑप्शन हमारे ब्लॉग और उसके Protocol से रिलेटेड थे. अब हम अपने ब्लॉग का नाम व डिस्क्रिप्शन, के साथ वर्डप्रेस के एडमिन अकाउंट को भी Create करेंगे. 

नीचे दी गई फोटो को फॉलो करें.
  1. Site Name: में अपने ब्लॉग का नाम लिखें.
  2. Site Description: में अपने ब्लॉग के बारे में डिस्क्रिप्शन लिखें.
  3. Admin Username: में आप अपने वर्डप्रेस का जो भी एडमिन नेम चाहते हैं उसको यहां पर लिखें.
  4. Admin Password: में वर्डप्रेस के एडमिन का पासवर्ड लिखें.
  5. Admin Email: में एडमिन का ईमेल ऐड्रेस डालें.
Wordpress Site Setting and Admin Account
इन सभी Steps को ध्यानपूर्वक डालने के बाद, आपको अपने ब्लॉग के लिए Theme Select करनी है. वर्डप्रेस इंस्टॉल करते समय यहां पर आपको बहुत सारी Free Theme मिल जाएंगी, आप इनमे से किसी भी थीम को सिलेक्ट कर सकते हैं. यदि आपको इनमें से कोई भी थीम पसंद नहीं आती है तो आप वर्डप्रेस के पूरे इंस्टॉल हो जाने के बाद भी अपने ब्लॉग की थीम को Change कर सकते हैं.
  1. ब्लॉग की थीम को सिलेक्ट करें.
  2. इसके बाद आपको Install बटन पर क्लिक करना होगा.
Select Theme and install
इंस्टॉल बटन पर क्लिक करने के बाद आपके सामने एक प्रोग्रेस बार दिखाई देगा. इस समय वर्डप्रेस हमारी होस्टिंग को चेक करता है कि क्या यह वर्डप्रेस में ब्लॉग चलाने के लिए Comptable है या नहीं है. यदि उसको किसी भी प्रकार का कोई Error नहीं मिलता है तो, वर्डप्रेस इंस्टॉल हो जाएगा और आपके सामने नीचे दी गई Image की तरह एक मैसेज (Congratulations, the software was installed successfully) आएगा और उसके साथ साथ आपके ब्लॉग का लिंक भी वहां पर दिखाई देगा.
Congratulations wordpress installed successfully
  1. पहला लिंक आपकी वेबसाइट का है.
  2. दूसरा लिंक वर्डप्रेस के Admin का है. इस लिंक से आप अपने ब्लॉग के एडमिन पैनल में लॉग-इन करके जा सकते हैं.
cPanel में वर्डप्रेस को इंस्टॉल करना बहुत ही आसान है. यदि आप इन सभी स्टेप्स को सही ढंग से Fellow करते हैं तो आप आसानी से वर्डप्रेस को इंस्टॉल कर पाएंगे.

निष्कर्ष

कुछ नए ब्लॉगर जो पहली बार अपना ब्लॉग बना रहे हैं, और वह वर्डप्रेस को अपना ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म बनाना चाहते हैं. तो उनको सबसे पहले वर्ल्डप्रेस को इंस्टॉल करना सीखना होगा. आज के समय में cPanel होस्टिंग सबसे ज्यादा पॉपुलर है इसीलिए मैंने अपने इस आर्टिकल में आपको स्टेप बाय स्टेप बताया है कि आप किस तरह से cPanel होस्टिंग में wordpress को इंस्टॉल कर सकते हैं.
मुझे उम्मीद है कि इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद आप के सभी सवालों के जवाब आपको मिल गए होंगे. फिर भी यदि आपका कोई सवाल हो तो नीचे कमेंट बॉक्स में अपना सवाल लिखें. यदि आपको यह आर्टिकल पसंद आयाहो तो इसको ज्यादा से ज्यादा शेयर करें, जिससे नए ब्लॉगरों को मदद मिल सके.
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ब्लॉगर में अपना Custom Domain कैसे सेटअप करें

Blogger.com में फ्री ब्लॉग तो चलता ही हैं, मगर आप चाहे तो अपना खुद का डोमेन नेम रजिस्टर करके ब्लॉगर पर सेट कर सकते हैं. जिससे कि आपको अपने डोमेन के लिए अलग से होस्टिंग खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी.

आज इस आर्टिकल में मैं आप लोगों को ब्लॉगर पर कस्टम डोमेन कैसे सेटअप किया जाता है इसके बारे में Step by Step बताऊंगा. इस आर्टिकल में मैं बताऊंगा कि मेरा डोमेन Godaddy पर रजिस्टर्ड है, और उस डोमिन को मैं किस तरह से ब्लॉगर में कस्टम डोमेन के रूप में चला सकता हूं.
Set up custom domain in blogger

ब्लॉगर में अपना ब्लॉग कैसे बनाएं

ब्लॉगर में ब्लॉग बनाने के लिए सबसे पहले आपको अपने ब्राउज़र के एड्रेस बार में जाकर www.blogger.com लिखना होगा, नीचे दी गई फोटो से आप समझ सकते हैं कि किस प्रकार आप ब्लॉगर की वेबसाइट को ओपन करेंगे.
Blogger home page
उसके बाद जब ब्लॉगर का पेज ओपन हो जाएगा तो राइट साइड में Sign in बटन पर क्लिक करना होगा.
Sign in बटन पर क्लिक करने के बाद आपसे Gmail की ID पूछी जाएगी. यहां पर आप अपनी जीमेल की आईडी डालकर लॉगइन कर सकते हैं.
अगर आप पहली बार ब्लॉगर पर ब्लॉग बनाने जा रहे हैं तो आपके सामने स्क्रीन पर नीचे दी गई पिक्चर की तरह ही आएगा. नीचे दिए गए क्रिएट न्यू ब्लॉग बटन पर क्लिक करके आप अपना ब्लॉग क्रिएट कर सकते हैं.
Create new blog pop up
क्रिएट न्यू ब्लॉग बटन पर क्लिक करने के बाद आपके सामने एक पॉपअप विंडो ओपन हो जाएगी, जिस विंडो में आपको अपने ब्लॉक का Title डालना है, ब्लॉक का Address डालना है, उसके बाद Theme को सिलेक्ट करना है और नीचे दिए गए क्रिएट बटन पर क्लिक करके अपना ब्लॉग बनाना है.
Create a new blog in blogger
ऊपर दी गई फोटो में मैंने स्टेप बाय स्टेप बताया है कि किस तरह से आप अपने ब्लॉग को ब्लॉगर में Set up करेंगे.
यह ध्यान रखें कि जब आप 2 स्टेप में ब्लॉग का Address लिख रहे हो तो वहां पर “This blog address is a vailable” लिखा हुआ आ जाए. अगर यह लिखा हुआ नहीं आता है तो इसका यह मतलब होता है कि इस नाम से पहले ही ब्लॉग बन चुका है, तो आप अपने ब्लॉग के एड्रेस में कुछ बदलाव करके अपने ब्लॉग का एड्रेस पा सकते हैं.
ब्लॉगर में ब्लॉग बनाने का पहला चरण यहीं पर समाप्त होता है. अब हम दूसरे स्टेप की ओर चलते हैं, जहां पर मैं आपको बताऊंगा कि आपको कस्टम डोमेन Set करने के लिए ब्लॉगर में क्या सेटिंग करनी होगी.

ब्लॉगर में Custom डोमेन कैसे सेट करें

ब्लॉगर में कस्टम डोमेन को सेट-अप करने के लिए हमें कुछ सेटिंग करनी होती हैं जिससे कि ब्लॉगर को यह पता चलता है कि हम अपने इस ब्लॉग पर अपना कस्टम डोमेन चलाना चाहतें है.
Set up a third-party URL for your blog
ऊपर दी गई इमेज में स्टेप बाय स्टेप बताया गया है कि आप किस तरह से कस्टम डोमेन की सेटिंग कर सकते हैं. सबसे पहले आपको राइट साइड में Setting option पर क्लिक करना होगा.
  • सेटिंग ऑप्शन पर क्लिक करने के बाद आपके सामने फोटो में दिया गया “1st Option” वाला पेज खुल जाएगा जहाँ पर आप को 2 No. पर “Set up a third-party URL for your blog” पर क्लिक करना है.
  • तब आप के सामने 2nd Option खुल जाएगा और 3 No. में आप को अपने डोमेन का नाम लिखना है जो आप ने Godaddy पर पहले से ही रजिस्टर किया हुआ है. ध्यान रहे की आप को डोमेन के साथ www. जरुर जोड़ना है.
  • 4 No. पे आप Save बटन पर क्लिक करेंगे.
  • अगर आप ने सब कुछ सही-सही किया तो आप के सामने “3rd Option” वाली विंडो आजाएगी, और यहाँ पर दी गई सेटिंग को आप को Godaddy में जा कर करनी है.
इस प्रकार से ब्लॉगर में Custom डोमेन की सेटिंग पूरी होती है. अब हम अपने दुसरे स्टेप की ओर चलतें है और वहां पर ब्लॉगर की कुछ सेटिंग करतें है.

Godaddy के डोमेन को ब्लॉगर में कैसे सेट करे

  • सबसे पहले https://in.godaddy.com पर जा के Login करें.
  • इस स्क्रीन पर आप को अपना डोमेन दिख रहा है तो ठीक है, नहीं तो My Products Option पर क्लिक कर के अपने डोमेन को ढूंढे.
  • डोमेन के DNS बटन पर क्लिक करें.
  • नेचे दी गई फोटो की ही तरह आप को DNS Records दिखेंगे, उसके निचे दिए गए ADD बटन पर क्लिक करें.
  • Records Type में CNAME को सेलेक्ट करें.
  • Host में www टाइप करें.
  • Points to में ghs.google.com डालें, और save बटन पर क्लिक करें.
आप का CNAME Record Save हो गया है. दुसरे CNAME को ADD करने के लिए फिर से ADD बटन पर क्लिक करें.
  • Records Type में CNAME को सेलेक्ट करें.
  • Host और Points to में वह सेटिंग डालें जो ब्लॉगर के कस्टम डोमेन सेटिंग में 5 No. में दूसरी लाइन में दी गई है, और save बटन पर क्लिक करें.
  • अब आप के दोनों CNAME Record save हो गया है.
Set up your godaddy domain with blogger blog
अगर आप चाहतें है की URL में आप के डोमेन के साथ www. लिखा हुआ आए तो आप को DNS Records में Google की यह 4 IPs डालनी होगी, जिन को A Record में डालना होता है.
नीचे दी गई फोटो में बताया गया है कि आप किस तरह से A Record ADD कर सकते हैं.
Add A Records which point to Google IPs
इस प्रकार से Godaddy में भी कस्टम डोमेन की सेटिंग पूरी होती है, इन सभी सेटिंग को करने के बाद आप को कम से कम 1 से 2 घंटे का इंतजार करना होगा. कुछ समय बाद जब आप अपने ब्राउज़र में अपने डोमेन का नाम डालेंगे तो आपका ब्लॉग ब्लॉगर से कनेक्ट होकर चलने लगेगा.

निष्कर्ष

इन सभी स्टेप्स को अगर मैं Short में बताऊँ तो सबसे पहले आपको -
  • ब्लॉगर में एक ब्लॉग क्रिएट करना है 
  • ब्लॉगर की सेटिंग में जाकर “Set up a third-party URL for your blog” पर क्लिक करना है. 
  • थर्ड पार्टी डोमेन सेटिंग में www. के साथ अपने डोमेन का नाम लिखना है,और Save बटन पर क्लिक करना है.
  • इस सेटिंग के द्वारा ब्लॉगर आपको 2 CNAME रिकॉर्ड्स देगा जिनको आपको अपने डोमेन नेम में जाकर सेट अप करना है.
  • अगर आपका डोमेन गोडैडी में है तो, गोडैडी में जाकर लॉगइन करें.
  • डोमेन के DNS बटन पर क्लिक करें.
  • ब्लॉगर द्वारा दिए गए CNAME रिकॉर्ड्स को यहां पर ADD करें.
  • अगर आप चाहते हैं कि आपके डोमेन के साथ www. लिखा हुआ आए तो, आपको गूगल की 4 IP ऐड्रेस को A Records में ADD करना होगा.
  • कुछ समय इंतजार करने के बाद अपने ब्राउज़र में अपने डोमेन का नाम लिखें, आपका ब्लॉग स्टार्ट हो जाएगा.
यदि आपको ब्लॉगर पर कस्टम डोमेन सेट अप करने में किसी भी प्रकार की परेशानी आती है तो, आप नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपना प्रश्न लिख सकते हैं, मैं आपको जल्द से जल्द उसका उत्तर बताने की कोशिश करूंगा.

ब्लॉगिंग के लिए Best ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म कैसे चुना

क्या आप अपना ब्लॉग शुरू करना चाहते हैं, लेकिन सर्वश्रेष्ठ ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म का चयन नहीं कर पा रहे? आप जानते हैं कि यह सभी नए ब्लॉगर्स के साथ होता है, क्योंकि यहां कई अलग-अलग ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म है. तो आप कैसे पता लगाएंगे कि आपके ब्लॉग के लिए कौन सा प्लेटफॉर्म सही है? इस आर्टिकल में, मैं आपको जो 2 सबसे लोकप्रिय प्लेटफार्म है उनकी कुछ अच्छाइयां और बुराइयों के बारे में बताऊंगा, जिससे आपको ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म के चयन करने में आसानी होगी.
ब्लॉगिंग के लिए Best ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म कैसे चुना
Source : Pixabay

ब्लॉगिंग प्लेटफार्म

ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म एक ऑनलाइन सॉफ्टवेयर है, जिसका इस्तेमाल करके आप अपने ब्लॉग की सामग्री (Content) को अपने ब्लॉग में प्रकाशित (Publish) करते हैं. जैसे - आर्टिकल, समाचार, फोटो, वीडियो और गाने.

मौजूदा समय में दो ही बेस्ट प्लेटफॉर्म है, जो ब्लॉगिंग में सबसे ज्यादा इस्तेमाल किए जाते हैं. इसीलिए मैं उन दोनों ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म के बारे में आपको बताने जा रहा हूं. साथ ही मैं यह भी बताऊंगा कि, किस प्लेटफार्म को इस्तेमाल करने से आपको क्या सुविधाएं हो सकती है और क्या सुविधाएं.

Wordpress vs Blogger


तो पहले ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म के बारे में डिटेल में जानते हैं.


Wordpress ब्लॉगिंग प्लेटफार्म (Self Hosted)

Wordpress.org पूरी दुनिया का सबसे लोकप्रिय ब्लॉगिंग सॉफ्टवेयर है, यह Self Hosted ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म है जिसका मतलब यह है कि इस सॉफ्टवेयर को चलाने के लिए आपको होस्टिंग भी खरीदनी होगी. “ब्लॉग होस्टिंग और बेस्ट वेब होस्टिंग प्लान” के बारे में मैंने पहले ही एक आर्टिकल लिखा हुआ है.

Wordpress ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म 27 मई 2003 को प्रकाशित किया गया था. वर्डप्रेस फ्री ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म है, जोकि ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर बेस है. वर्डप्रेस PHP और MySQL पर चलता है. PHP “Hypertext Preprocessor” एक सरवर साइट स्क्रिप्टिंग लैंग्वेज है जिसके द्वारा वेबसाइट डिजाइन की जाती है, और MySQL रिलेशनल डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम “Relational Database Management System” (RDBMS) है. 

एक ब्लॉग को चलाने के लिए PHP और MySQL का बहुत ज्यादा ज्ञान होना आवश्यक नहीं है. वर्डप्रेस जोकि PHP, CSS और JavaScript से मिलकर बना हुआ है, इसके डाटा को स्टोर करने के लिए MySQL की जरूरत होती है. जब वर्डप्रेस को इंस्टॉल किया जाता है उस समय सिर्फ यह बताना होता है कि MySQL database कहां पर है और उसका यूजर नेम और पासवर्ड क्या है. जिससे वर्डप्रेस MySQL से कनेक्ट हो जाता है और उसका सारा डाटा MySQL में स्टोर होता रहे. 

अच्छाइयां

  • वर्डप्रेस में आपका अपने ब्लॉग पर पूरा नियंत्रण रहता है.
  • आप अपने ब्लॉग को बेहतरीन ढंग से चलाने के लिए थीम्स और प्लगिंस का इस्तेमाल कर सकते हैं.
  • वर्डप्रेस में आप अपने ब्लॉग को आसानी से कस्टमाइज (Customize) कर सकते हैं.
  • आप अपने वर्डप्रेस ब्लॉग को एक सरवर से दूसरे सरवर में सिर्फ 10 मिनट में ट्रांसफर कर सकते हैं.

बुराइयां

  • वर्डप्रेस के लिए होस्टिंग को खरीदना पड़ेगा.
  • हैक होने की ज्यादा संभावनाएं. हो सकता है थीम या प्लगइन में कोई bug होने से आपका ब्लॉग हैक हो सकता है.
  • वर्डप्रेस में समय-समय पर सिक्योरिटी चेक व बैकअप लेने की परेशानी.
  • वर्डप्रेस में इस्तेमाल होने वाले थीम व प्लगइन के बारे में अलग से पढ़ने वह समझने की जरूरत. 
तो चलिए दूसरे ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म के बारे में जानते हैं.


Blogger ब्लॉगिंग प्लेटफार्म

ब्लॉगर एक फ्री ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म है, इसको 1999 में Pyra Labs ने बनाया था जिसको के आगे चलकर 2003 में गूगल ने खरीद लिया था. ब्लॉगर गूगल के द्वारा होस्टेड ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म है, इस में बनाए गए ब्लॉगों को blogspot.com के सबडोमेन में बनाया जाता है जैसे example.blogspot.com.

यदि आप ब्लॉगर पर अपना कस्टम (Custom) डोमेन सेट करना चाहते हैं तो, आप यह काम आसानी से कर सकते हैं, और ब्लॉगर को ब्लॉग व वेबसाइट होस्टिंग के रूप में भी इस्तेमाल कर सकते हैं.

ब्लॉगर में ब्लॉग बनाने के लिए आप अपने जीमेल (Gmail) अकाउंट का इस्तेमाल कर सकते हैं, और एक अकाउंट से अधिकतम 100 ब्लॉग बना सकते हैं.आप चाहे तो ब्लॉगर की मदद से ब्लॉग ही नहीं बल्कि किसी भी प्रकार की वेबसाइट को डिजाइन कर सकते हैं. 

ब्लॉगर के ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म में आप मनचाही थीम को डाल सकते हैं और उस थीम को अपनी जरूरत के हिसाब से कस्टमाइज (Customize) भी कर सकते हैं. ब्लॉगर में प्लगइन नहीं होते हैं. 

अच्छाइयां

  • आपको होस्टिंग व ब्लॉग ऐड्रेस फ्री में मिल जाता है. ( कस्टम डोमेन आपको खुद ही खरीदना होगा)
  • किसी भी प्रकार की हैकिंग, सिक्योरिटी व बैकअप लेने की टेंशन नहीं.
  • आप सिर्फ 5 मिनट में ब्लॉगर को यूज करके अपना ब्लॉग शुरू कर सकते हैं.
  • किसी भी प्रकार के डेटाबेस से कनेक्ट करने की जरूरत नहीं. सारा डाटा गूगल के हाई सिक्योरिटी सर्विस में तोर होता है.
  • ब्लॉगर में ब्लॉग बनाने के लिए आपको किसी भी प्रकार के टेक्निकल ज्ञान की जरूरत नहीं.

बुराइयां

  • बहुत ही कम ब्लॉगिंग टूल्स.
  • वेबसाइट बनाने के लिए बहुत ही कम टेंपलेट्स उपलब्ध होना.
  • काफी समय से ब्लॉगर ने अपने ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म को अपडेट नहीं किया है.
  • किसी भी प्रकार की वर्जित (Restricted) सामग्री को रखने में अकाउंट सस्पेंड हो सकता है.
  • ब्लॉगर में अपने ब्लॉग को बढ़िया ढंग से चलाने के लिए आपको बेसिक HTML और CSS का ज्ञान होना चाहिए.

निष्कर्ष

ब्लॉगिंग दुनिया के 2 सबसे बड़े ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म के बारे में तो मैंने आपको बता ही दिया है मगर यह निर्णय करना सिर्फ आपके हाथ में ही है, आप अपना ब्लॉग किस ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म में चलाना चाहते हैं.
अगर आपके पास होस्टिंग खरीदने के लिए बजट नहीं है तो आप शुरू में अपने ब्लॉग को ब्लॉकर्स पर चला सकते हैं और जब आपके ब्लॉग से कुछ एर्निंग होने शुरू हो जाएगी तब आप अपने ब्लॉग को ब्लॉगर्स से वर्डप्रेस में स्थानांतरण (Transfer) कर सकते हैं. 
ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म के बारे में किसीभी प्रकार के प्रश्न के लिए नीचे कमेंट बॉक्स में अपने प्रश्न को लिखें, और यदि है आर्टिकल आपको पसंद आता है तो, इस आर्टिकल को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें.